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सतना। एकेएस यूनिवर्सिटी, सतना के एक सौ दो एकड़ से ज़्यादा मे फैले विशाल हरे भरे खूबसूरत प्रांगण में महिन्द्रा फाइनेंस कम्पनी द्वारा लगातार तीसरे वर्ष पौधरोपण किया गया। शनिवार को एकेएसयू के परिसर में सुबह दस बजे चांसलर बी.पी सोनी के साथ महिन्द्रा फाइनेंस के विपिन तिवारी (रीजनल मैनेजर आॅपरेशन ) ने अशोक,अमलताश, पीपल, बड़ एवं कदम की कलमों का पौधरोपण किया। पौधरोपण महिन्द्रा फाइनेंस कम्पनी के दीप तिवारी (रीजनल रिकवरी हेड) के अथक प्रयासों से संम्पन्न हुआ।
पौधरोपण के बाद हुआ सभागार मंे कार्यक्रम

तत्पश्चात् यूनिवर्सिटी, के सभागार में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।                                                                                                                                        जिसमें मुख्य अतिथि एकेएसयू के चांसलर बी.पी सोनी ने अपने उद्बोधन में कहा कि हम सबको जागरुक होकर वृक्षों का क्षय रोकना होगा ,अधिक से अधिक पौधरोपण करना होगा। पौधों को उचित महत्व देने से हमें प्रकृति के साथ रहने का आनंद प्राप्त होता है। कार्यक्रम मे विपिन तिवारी एवं बाॅयोटेक डीन डाॅ. आर.पी.एस. धाकरे ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए प्रो. आर.एन. त्रिपाठी डीन बेसिक साइंस ने वृक्षों के महत्व पर प्रकाश डाला एवं महिन्द्रा फाइनेंस कंपनी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय प्रबंधन की ओर से चांसलर बी.पी सोनी, डायरेक्टर अमित सोनी, डाॅ. आर.पी.एस. धाकरे, प्रो. आर.एन. त्रिपाठी, टी एण्ड पी एम.के. पाण्डेय ,एडमिन आॅफीसर ब्रजेन्द्र सोनी ,सूर्यप्रकाश गुप्ता के साथ महिन्द्रा फाइनेंस कम्पनी की टीम उपस्थित रही।

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सतना। एकेएस यूनिवर्सिटी सतना ने फूड इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नालाॅजी (3 वर्षीय डिप्लोमा एवं 4 वर्षीय बी.टेक.) कोर्स एक नई अवधारणा के साथ प्रारंभ हुआ है। यह नवीन अवधारणा है, इन्क्यूबेशन। विद्यार्थियों को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में मजबूत बनाने के लिए इन्क्यूबेशन किया जायेगा। इसके अन्र्तगत विश्वविद्यालय में 8-10 व्यवसायिक स्तर पर संचालित खाद्य प्रसंस्करण उद्योग प्रांरभ किए जायेगें। 10-15 विद्यार्थियों के समूह को एक उद्योग 1-1 1/2 महीने के लिये संचालन के लिये दिया जायेगा। इन्हें कच्चा माल की खरीददारी, भण्डारण, प्रसंस्करण, पैकेजिंग एवं बाजार में बेचने की प्रक्रिया से गुजरना होगा। इस तरह कोर्स के दौरान विद्यार्थी कुछ उद्योगों को प्रारंभ से अन्त तक संचालित करने के अनुभव ले चुका होगा। ऐसे विद्यार्थी एक दक्ष इन्जीनियर के रूप में भरपूर आत्मविश्वास के रूप में निकलेगे।  इसी तारतम्य में एकेएस यूनिवर्सिटी ने तीन खाद्य प्रसंस्करण उद्योग अपने प्रांगण में खोल लिये हैं - बेकरी, सोयाबीन, प्लान्ट एवं हैमर मिल। बेकरी में जहां बन, ब्रेड, बिस्कुट, टोस्ट, पैटीस, कोक इत्यादि बनेगें वही पर सोया प्लांट में सोयाबीन से दूध, पनीर (टोफू) एवं हैमर मिल में गेहूँ से दलिया, चने से बेसन एवं कुटे मसाले निर्मित किये जायेगें। 

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एकेएस वि.वि के एम.बी.ए.मार्केटिग संकाय के विद्यार्थी आशीष सिंह का चयन एकेएस के ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट आफीसर एम.के. पाण्डेय के मार्गदर्शन मे एक्सिस बैंक मे बतौर एसि. मैनेजर हुआ है जिसमे विद्यार्थी को साढे तीन लाख सालाना का पैक्ज कंपनी ने आॅफर किया है आशीष ने अपने चयन के लिए एकेएस के शैक्षणिक एवं पै्रक्टिकल ज्ञान को देते हुए बताया कि एकेएस के उच्चतम शिक्षा प्रतिमानो की वजह से उसका सपना पूर्ण हुआ है वि.वि. प्रबंधन ने आशीष को उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी है।

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कार्यक्रम में महिला बालविकास पर्यवेक्षक साधना श्रीवास्तव, रंजना मिश्रा एवं वन्दना मिश्रा ने छात्राओं को स्तनपान से सम्बन्धित जानकारी देते हुए बताया कि माँ के दूध में ऐसा तत्व होता है जो बच्चे की आँत में लौह तत्व को बाँध लेता है और लौह तत्व के अभाव में आँत में रोगाणु पनप नहीं पाते। माँ के दूध में तत्व होते है। जो उन रोगाणु विषेष के खिलाफ प्रतिरोधात्मक तत्व बनाते है। जिन बच्चों को बचपन में पर्याप्त रूप से माँ का दूध नहीं मिलता उन्हें बचपन में  होने वाले डायबिटिज की बीमारी अधिक होती है। उनमें अपेक्षाकृत बुद्धि विकास कम होता है इसलिए 6-8 महीने तक बच्चे के लिए माँ का दूध श्रेष्ठ ही नहीं जीवन रक्षक भी होता है। माँ का दूध बच्चे के लिए अमृत का वह पहला टीका है जो बच्चे की सुरक्षा करता है। इस अवसर पर छात्राओं के लिए क्विज कन्टेस्ट आयोजित किया गया जिसमें इनसे स्वास्थ्य एवं कल्याण से सम्बन्धित सामान्य ज्ञान के सामान्य ज्ञान के सवाल किये गये। और विजेता टीम को पुरस्कार स्वरूप समृति चिन्ह प्रदान किये गये। इस अवसर पर समस्त विभागों के फैकल्टी एवं छात्राऐं उपस्थित रही। b2ap3_thumbnail_unnamed-2.jpg

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सतना। एकेएस यूनिवर्सिटी सतना के सभागार में “बायोटेक्नालाॅजी एवं माइक्रो बायाटकनोेलाॅजी”विभाग द्वारा विद्यार्थियों के लिए प्रवेषोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें विद्यार्थियों को बाॅयोटेक्नालाॅजी क्षेत्र के महत्व एवं कॅरियर से सम्बन्धित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठजनों माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यापर्ण कर दीप प्रज्जवलन किया गया। तत्पाष्चात् अतिथियों का स्वागत माल्यार्पण कर किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि डाॅयरेक्टर अमित कुमार सोनी ने यूनिवर्सिटी आकदमिक ष्षैक्षणिक व्यवस्था पर चर्चा करते हुए छात्रों को महत्वपूर्ण जानकारियां दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रो. आर.एन. त्रिपाठी ने विद्यार्थियों को जैव प्रौद्योगिकी के बारे मे बताते हुए कहा कि यह एक ऐसा नया और उदयीमान अध्ययन क्षेत्र है जिसमें भविष्य में विकास की असीम संभावनाएं हैं। कार्यक्रम में डाॅयरेक्टर अमित कुमार सोनी, बाॅयोटेक डीन डाॅ. आर.पी.एस. धाकरे, डीन बेसिक सांइस प्रो. आर.एन. त्रिपाठी, इंजी. आर.के. श्रीवास्तव, डाॅ. शेखर मिश्रा, डाॅ. कमलेश चैरे मंचासीन रहे।
कार्यक्रम का सफल संचालन करते हुए विभागाध्यक्ष डाॅ. कमलेश चैरे ने बायोटेक्नालाॅजी कोर्स में जाॅब की संभावनाओं पर बाॅयोटेक्नालाॅजी विभाग का मिशन और विजन बताते हुए संक्षिप्त विवरण दिय

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सतना। एकेएस यूनिवर्सिटी सतना के बीकाॅम आनर्स सीएसपी के विद्यार्थियों की दूसरे चरण की आॅडिट टेªनिंग सतना स्थित इलाहाबाद बैंक की शाखाओं में प्रारंभ हुई। एसि. प्रो.विपुल शर्मा ने बताया की पहले चरण में विद्यार्थियों ने नागपुर के यवतमाल को-आपरेटिव बैंक की 82 शाखाओं में आॅडिट टेªनिंग का विस्तृत तकनीकी ज्ञान अर्जित किया था। इसी तरह अब दूसरे चरण में सतना स्थित इलाहाबाद बैंक की शाखाओं में बीकाॅम सीएसपी के विद्यार्थियों का चयन आॅडिट टेनिंग के किया गया है। जिसमें विद्यार्थियों को तीन महीने का प्रशिक्षण दिया जायेगा। इस दौरान विद्यार्थियों को बैंक खातो की जांच एवं बैंक से संबंधित दस्तावेजो का अध्ययन करवाया जायेगा। इसका कार्यभार चार्टेड एकाउन्टेड अतुल साडा के मार्गदर्शन मेें होगा। जिससे विद्यार्थी बैंक की कार्यप्रणाली को आसानी से समझ सकेगें।

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सतना। एकेएस यूनिवर्सिटी सतना में संचालित शिक्षा विभाग द्वारा तुलसीदास जंयती के अवसर पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर लोकनायक गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित विभिन्न ग्रंथों में कही गई समायोपयोगी एवं मर्यादित बातों को आज के जनमानस में प्रासांगिकता हेतु चर्चा की गई। इस संदर्भ में विभागाध्यक्ष डाॅ. आरएस मिश्रा एवं फैकल्टी बीडी पटैल, शिखा त्रिपाठी, नीतासिंह, ने भी अपने विचार प्रस्तुत किये। इस अवसर सभी विभागों के फकल्टीज एवं छात्र-छात्रायें उपस्थित रहंे। 

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सतना। एकेएस यूनिवर्सिटी सतना के कृषि एवं प्रोद्योगिकी विभाग के फैकल्टी अभिषेक सिंह एवं आशुतोष कुमार मौर्य ने भोपाल में  ”राष्ट्रीय हिन्दी विज्ञान सम्मेलन “ में एम.पी.सी.एस.टी मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सम्मेलन में “मधुमक्खी पालन, भारतीय ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण का मिठास भरा रास्ता” विषय पर अपना पेपर प्रजेंट किया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि (विज्ञान एवं तकनीकी मंत्री मध्यप्रदेश शासन) भूपेन्द्रसिंह ठाकुर एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो.के.बी पाण्डेय(पूर्व कुलपति महात्मागांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय)ने की। इस अवसर पर  (एम.पी.सी.एस.टी के डायरेक्टर जनरल) प्रो.पी.के.वर्मा एवं आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रो.अखिलेश पाण्डेय की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। सम्मेलन में देश की ख्यात्नाम यूनिवर्सिटी से आये विषय विशेषज्ञों ने हिन्दी भाषा को विज्ञान से जोडकर कैसे आगे बढाया जाये इस बात पर जोर दिया। यहां मध्यप्रदेश की विभिन्न यूनिवर्सिटी से आये लगभग 145 वैज्ञानिक रिसर्चस ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किये। 

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सतना। एकेएस यूनिवर्सिटी, सतना को प्रतिष्ठापूर्ण ‘‘एशिया इंटरनेशनल अचीवर्स एवार्ड इन एज्यूकेशलन एक्सीलेंस’’ पुरस्कार 2014 से नवाजा गया । यह इंटरनेशनल सेमिनार काठमान्डू नेपाल में 02 अगस्त, 2014 को आयोजित हुआ । एकेएस यूनिवर्सिटी के चेयरमैन अनंत कुमार सोनी को नेपाल के उद्योग मंत्री कर्ण बहादुर थापा द्वारा गरिमामय समारोह मे सम्मान प्रदान किया गया। सेमिनार ‘‘इकोनाॅमिक ग्रोथ सोसायटी आॅफ इंडिया’’ द्वारा आयोजित हुआ । एकेएसयू के शैक्षणिक एक्सीलेंस के महत्वपूर्ण क्षे़त्र हैं स्टूडेन्ट में सेल्फ मैनेजमेंट, इमपावर्नमेंट, जिम्मेदारी व शिक्षा की उन्नत प्रणाली से अवगत होना इन्हीं महत्वपूर्ण गुणो के विकास के साथ एकेएस में शिक्षा व संस्कारों की सीख दी जाती है जिससे विद्यार्थियों का मानसिक व शैक्षणिक विकास होता है।

नेपाल के उपराष्ट्रपति ने दिया इंडो नेपाल सद्भावना एवार्ड-2014
एकेएस मे नेपाल के साथ देश के 16 राज्यों केन्द्र शासित प्रदेशों एवं म.प्र. के 39 जिलों के विद्यार्थी अध्ययनरत है ‘‘राष्ट्र एक है और हम सब एक है‘‘ं कि तर्ज पर एकेएसयू मे सोशल हार्मनी व ब्रदरहुड की अनोखी मिसाल देखने को मिलती है और इसी विशिष्टता के मद्देनजर एकेएस के चेयरमेन अनंत सोनी को इंडो नेपाल सद्भावना एवार्ड-2014 से नेपाल के उपराष्ट्रपति परमानन्द झा द्वारा उपराष्ट्रपति निवास में सम्मानित किया गया

ये गणमान्य अतिथि रहे उपस्थित
एकेएस यूनिवर्सिटी, सतना को ‘‘एशिया इंटरनेशनल अचीवर्स एवार्ड इन एज्यूकेशलन एक्सीलेंस एवार्ड-2014’’ नेपाल के उद्योग मंत्री कर्ण बहादुर थापा द्वारा प्रदान किया गया। एवार्ड प्राप्त करने की होड़ में देश के और नामी गिरामी संस्थान रहे लेकिन ज्यूरी मैम्बर्स द्वारा एकेएस यूनिवर्सिटी, सतना के एज्यूकेशनल एक्सीलेंस पर मुहर लगाई गई। यूनवर्सिटी, द्वारा विगत वर्षो में शिक्षा जगत मे किये गए अंतरराष्ट्रीय उन्नतिशील मानको के आधार पर शिक्षा के लिए प्रदान किया गया। इस अवसर पर जनरल सेक्रेटरी सीपीएन-एमएल नेपाल सी.पी मैनाली, पूर्व सी.बी.आई. डाॅयरेक्टर (फोरेसिंक) मि. वी0एन0 सहगल की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। वि.वि. प्रबंधन को शैक्षणिक उन्नति के उच्चतम प्रतिमानो की शैली की वजह से चहुॅओर प्रशंसा मिल रही है क्योंकि वि.वि. की शैक्षणिक प्रणाली में नवीनता के साथ प्राचीन विशिष्टताओं का अनूठा समावेश है जिसमें आध्यात्म की शिक्षा शामिल है।

2014 की यह रही चैथी बड़ी उपलब्धि                                                                                                                                                                           इसके पूर्व एकेएस विश्वविद्यालय को 27 मई को ‘‘एक्सीलेंट प्राइवेट यूनिवर्सिटी एवार्ड इन म0प्र0-2014’’ एवं 19 जुलाई को ‘‘बेस्ट यूनिवर्सिटी इन आई इन्फ्रास्ट्रक्चर-2014’’ के साथ ‘‘एशिया इंटरनेशनल अचीवर्स एवार्ड इन एज्यूकेशलन एक्सीलेंस’’ और चैथा महत्वपूर्ण एवार्ड ‘‘इंडो नेपाल सद्भावना एवार्ड-2014’’ रहा। इसी के साथ विश्वविद्यालय में संचालित विभिन्न संकायों में नेपाल के विद्यार्थी भी अध्ययनरत है। इंटरनेशनल क्षितिज पर अपनी उत्कृष्टता दर्ज करा रहे एकेएस यूनिवर्सिटी के वैश्विक परिदृश्य में शैक्षणिक उन्नति का प्रतिफल नेपाल के वृहद कार्यक्रम के दौरान मिला यह एवार्ड है। एकेएस के कुलाधिपति ने वि.वि. की उपलब्धि पर सभी की लगन एवं मेहनत की तहेदिल से तारीफ की व सभी को बधाइयाॅ दी है।

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सतना। एकेएस यूनिवर्सिटी सतना के विद्यार्थियों ने विश्व के मोतीलाल नेहरू नेशनल इंस्टीट्यूट आॅफ टेक्नालाॅजी इलाहाबाद के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के तत्वाधान में 1 जुलाई से 5 जुलाई तक आयोजित पांच दिवसीय तकनीकी प्रशिक्षण कार्यशाला में अपनी सहभागिता दर्ज करवा रहे हैा ‘‘कैड, कैम एवं एडवांस मैन्युफेक्चंिरंग’’ क्षेत्र पर आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल आयोजन प्रो. डाॅ. ए.के. दुबे द्वारा किया जा रहा है। इस आयोजन मे देश के मूर्धन्य विषय विशेषज्ञ प्रो. पी.के. मिश्रा, प्रो. मुकल शुक्ला, पी.के. टण्डन (आई.आई.टी. जबलपुर) डाॅ. प्रज्ञा शांडिल्य, प्रो. राजीव श्रीवास्तव (एन.आई.टी. कुरूक्षेत्र) प्रो. डाॅ. ए.के. दुबे ने अपने क्षेत्रांे में हो रही समसमायिक अनुसंधान, नूतन विकास एवं भावी संभावनाओं पर व्याख्यान देते हुए सहभागी शिक्षकों एवं इंजीनियर विद्यार्थियों का ज्ञानवर्धन कर रहे है। आयोजन में एकेएस यूनिवर्सिटी सतना के प्रो. डाॅ. पंकज कुमार श्रीवास्तव, के.सी. कोरी के कुशल नेतृत्व में विद्यार्थी शत्रुधन सोनी, मंजीव ठाकुर, मोनिका मिश्रा, आफरीन खान, अतीव सिंह, राहुल यादव, शुभम नामदेव, अमरीश ने अपनी सहभागिता दर्ज कर अपने कैरियर में आने वाली चुनौतियों और संभावनाओं के सम्बन्ध में महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कर सहभागिता प्रमाण पत्र प्राप्त करेगें।  

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सतना। एकेएस यूनिवर्सिटी सतना के एन.एस.एस. विभाग द्वारा 68वें हिरोशिमा दिवस के अवसर पर विशेष प्रार्थना सभा एवं संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। एन.एस.एस. विभागाध्यक्ष डाॅ. महेन्द्र कुमार तिवारी ने बताया कि इस अवसर विद्यार्थियों के साथ मिलकर विश्व शांति और एकता की प्रार्थना की जाएगी। साथ ही हिरोशिमा त्रासदी की याद में विश्व समुदाय में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए विश्व शांति और परमाणु निशस्त्रीकरण पर व्याख्यान दिए जाएगें। 

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सतना। एकेएस यूनिवर्सिटी सतना के बी.टेक माइनिंग इंजीनियरिंग थर्ड सेमेस्टर के विद्यार्थियों का साउथ ईस्टर्न कोल फील्ड लिमि. बिलासपुर में 28 दिवसीय प्रशिक्षण कोरबा, बैकुण्ठपुर, चिरमिरी, जोहिल्ला, सोहागपुर, जे.एन.के. छत्तीसगढ़ में माइनिंग डीन जी.के. प्रधान एवं विभागाध्यक्ष डी.एस. माथुर के मार्गदर्शन में जारी है। विद्यार्थी एसईसीएल की खदान एवं इकाइयों में माइनिंग क्षेत्र में प्रयुक्त होने वाली, सेक्शनल डायग्राम, सिस्टमेटिक टिम्बरिंग रूल्स, इमरर्जेंसी प्लान, रिसोर्स, माइनिंग गैस परीक्षण एवं माइनिंग में उपयोग होने वाली मशीनों एवं माइनिंग के विभिन्न पहलुओं के बारे में बताया जा रहा है। साथ ही ड्रिलिंग, ब्लास्टिंग, माइन कॉस्ट इंजीनियरिंग, अयस्क रिजर्व विश्लेषण, ऑपरेशन विश्लेषण, माइन वेंटीलेशन, माइन प्लानिंग, माइन सेफ्टी, रॉक मैकेनिक्स, कम्प्यूटर ऐप्लिकेशन, इंडस्ट्रियल मैनेजमेंट के बारे में शिक्षा दी जा रही है। मुख्यतः इस प्रशिक्षण के तहत खनिज पदार्थों की संभावनाओं का पता लगाना, उनके नमूने एकत्रित करना, भूमिगत तथा भूतल खदानों का विस्तार और विकास करना, खनिजों को परिष्कृत करना आदि के बारे में जानकारी प्रदान विद्यार्थियों की 28 दिवसीय ट्रेनिंग 12 अगस्त को समाप्त हो रही .

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सतना। एकेएस यूनिवर्सिटी सतना के कृषि एवं प्रौद्योगिकी विज्ञान विभाग के फैकल्टीज आशुतोष कुमार मौर्य एवं अभिषेक सिंह भोपाल में आयोजित होने वाली दो दिवसीय ‘‘राष्ट्रीय हिन्दी विज्ञान सम्मेलन 2014’’ में ‘‘मधुमक्खी पालन - ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण का मिठास भरा रास्ता’’ विषय पर  पेपर प्रेजेंट करेंगे।                      b2ap3_thumbnail_unnamed-2_20140802-050259_1.jpg

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   किसी भी एजुकेशन प्रोग्राम के तीन मकसद होते हैं, कॉन्सेप्ट की समझ, स्किल डेवलपमेंट और इंफॉर्मेशन, दरअसल,1965 में, अमेरिका के संयुक्त राज्य में आब्रजन कानून में बदलाव के कारण, कई भारतीय आईटी को अनुसंधान और विकास के कार्यो के लिये संयुक्त राज्य अमेरिका ने चुना था, भारत, अमेरिका तथा अन्य विकासशील देशों में आईटी सेवायें प्रदान करने लगा। भारत में आईटी को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न आईटी उदयोग स्थापित की गई, जिनमें से कुछ महत्वपूर्ण आईटी कंपनी है-टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, 1968.विप्रो इन्फोटेक, 1966.पाटनी कम्प्यूटर सिस्टम, 1972.हिन्दुस्तान कम्प्यूटर लिमिटेड, 1988.इंफोसिस,1981.भारत मेें आईटी सेवायें एवं साफ्टवेयर की गुणवत्ता को बनाये रखने के लिये नेशनल एसोसियेशन आॅफ साॅफ्टवेयर एंड सर्विसेज कंपनी की स्थापना सन् 1988 में की गई। यह एक गैर लाभकारी संगठन है, जिसमें 250 देशों के 1500 सदस्य है।सन् 1991 के बाद भारत सरकार को अनुसंधान और विकास तथा अन्य आईटी सेवाओं को लिए लाखों आईटी पेशावर की आवश्यकता हैं, जो भारत में बडी संख्या में है। भारत में आईटी को 60 वर्ष हो गए है। और 2014 तक आईटी सेवाओं का निर्यात लगभग 90 विलियन डाॅलर तक हो जाएगा। यह भारत के सकल घरेलू उत्पाद 7.5 प्रतिशत है जो 30 लाख आईटी  साफ्टवेयर इंजीनियर को रोजगार प्रदान करता है। सरकारी संगठन में काम कर रहे है जैसे - एमआईएस समन्वयक, डाटा एंट्री आॅपरेटर, कम्प्यूटर आॅपरेटर, कम्प्यूटर इंजीनियर, नेटवर्किंग इंजीनियर, डाटाबेस प्रशासक,प्रोग्रामर, आई प्रशासक,यहां तक की विद्यालयों में कम्प्यूटर शिक्षकों की अतिआवश्यकता है।अनेक आईटी प्रशिक्षण केन्द्र नई पीढ़ी आईटी पेशावर को विभिन्न टेनिंग के माध्यम से प्रशिक्षित कर रहे है जैसे प्रोग्रामिंग, इंजीनियरिंग, साफ्टवेयर टेस्टिंग, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, डाटाबेस मैनेजमेंट, नेटवर्किंग इत्यादि।सन् 1991 में भारत की अर्थव्यवस्था में बदलाव किये गये जिससे आई टी उद्योग को बढ़ावा मिला। आईटी उदयोग के अनुसार 2017 तक भारत में 40 लाख साॅफ्टवेयर इंजीनियर की आवश्यकता हैं।चर्चा में सी.एस के सभी फैकल्टीज उपस्थित रहे। 

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सतना। एकेएस विष्वविद्यालय, सतना के बाॅयोटेक्नालाॅजी, माइक्रोबाॅयोलाॅजी विभाग एवं ‘‘सेंटर फाॅर रिसर्च स्किल्स डेवलेपमेंट’’ के संयुक्त तत्वाधान में दो दिवसीय ‘‘राष्ट्रीय सिम्पोजियम एवं हैन्डस आॅन टेनिंग’’ का आयोजन 11 और 12 अगस्त को यूनिवर्सिटी प्रांगण में किया जाएगा। जिसकी थीम ‘‘वर्तमान में बाॅयोटेक्नालाॅजी रिसर्च’’ रखी गई है। इसमें विंध्य क्षेत्र के सतना, रीवा के साथ-साथ देष के सभी बाॅयोटेक्नालाॅजी एवं माइक्रोबाॅयोलाॅजी विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों एवं प्राध्यापकों को आमंत्रित किया गया है। आयोजन में मुख्य वक्ता के रूप में (मध्यप्रदेष प्राइवेट रेग्यूलेटरी कमीषन, भोपाल मध्यप्रदेष षासन के चेयरमैन) प्रो. डाॅ. अखिलेष पाण्डेय एवं (डिपार्टमेंट आॅफ बाॅयोटेक्नालाॅजी, भारत सरकार, नई दिल्ली के एडवाइजर) डाॅ. राजेश कपूर अपना महत्वपूर्ण व्याख्यान प्रस्तुत कर बाॅयोटेक क्षेत्र में हो रही उन्नति रिसर्च एवं डेवलेपमेंट में उपस्थित अवसरों की महत्वपूर्ण जानकारियां प्रस्तुत करेंगे। अन्य आमंत्रित वक्ताओं में देष  के प्रतिष्ठित संस्थाओं  आई.आई.टी. नई दिल्ली, दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर्स एवं वैज्ञानिकों को आमंत्रित किया गया है। जो बाॅयोटेक क्षेत्र में हो रही नवीनतम रिसर्च पर अपना मार्गदर्शन देगें। इस  अवसर पर प्रतिभागियों के लिए दो दिवसीय हैन्डस आॅन टेनिंग का आयोजन किया जाएगा। जो कि जिनोमिक्स, फरमेटेषन, प्लांट टिष्यू कल्चर पर होगी। यह टेनिंग बाॅयोटेक विभाग की आधुनिक प्रयोगषाला में कराई जाएगी।                                                                                                               b2ap3_thumbnail_unnamed-7.jpg

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सतना। एकेएस यूनिवर्सिटी सतना में फार्मेसी विभाग द्वारा वल्र्ड हेपेटाइटिस डे के अवसर पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया नेषनल सेंटर फार डिसीज कंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार भारत में साल 2012 में वायरल हेपेटाइटिस के लगभग 1लाख 19 हजार केस सामने आए थे और 2013 तक यह संख्या 2 लाख 90 हजार तक पहुंच गई थी। हेपेटाइटिस ‘ए’ और ‘ई’ प्रदूषित पानी और गंदगी की वजह से होता है। भारत में हेपेटाइटिस ‘ए’ का अनुपात वयस्कों में थोड़ा कम है, ये बच्चों को थोड़ा ज्यादा होता है। वैश्विक स्तर पर हेपेटाइटिस ‘ई’ का विस्तार वयस्कों में 25 प्रतिशत तक ही है जबकि भारत में वयस्कों में इसके वायरस 40 प्रतिषत तक फैल चुके हैं। भारत मे हेपेटाइटिस ‘ई’ के मरीज सबसे ज्यादा हैं और गर्भवती महिलाएं इससे सबसे ज्यादा पीड़ित हैं। इसके अलावा संक्रमित रक्त और असुरक्षित यौन संबंधों की वजह से हेपेटाइटिस ‘बी’, ‘सी’ और ‘डी’ होता है। इस अवसर पर समस्त विभागों के फैकल्टीज और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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